हम पर रहम दिखा जा....
भगवान,यह क्या हो गया है
तू बेख़बर क्यूँ हो गया है ।।
सब तरफ़ चीख पुकार
तेरी रहमत का है इंतज़ार ।।
सब तेरी तरफ़ देख रहे हैं
तेरी नज़र के लिए तरस रहे हैं ।।
क्यौं हुआ हर इंसान विकल
पुकारते तुझे दम गया निकल ।।
अश्रुओं की माला है
सब्र नहीं आता है ।।
पता नहीं कैसे तुझे पुकारूँ
गुहार तुझ तक कैसे भिजवाऊँ ।।
हे प्रभु आ जा अपनी शान दिखा जा
सब को दिल से गले लगा जा ।।
आस तेरी करते हैं
प्रार्थना करते हैं ।।
आ जा फिर एक बार
कर जा हमारा उद्धार ।।
ना जाए विश्वास डगमगा
आशीष दे जीवन जगमगा ।।
तुझे दिल से पुकारा है
पर सब्र क्यूँ नहीं आता है ?
सब रहमत को तरस रहे हैं
शुभ आशीष को तड़प रहे हैं ।।
विनती हाथ जोड़े कर रहे हैं
तेरी पूजा कर रहे हैं ।।
इस महामारी को दूर कर
हम पर अपनी कृपा कर ।।
तू ही हमारा रखवाला है
तू ही हमारा मतवाला है 11

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